1. किसी व्यक्ति
द्रारा जारी
किया गया चेक
अगर बाउन्स हो
जाता हैँ , तो आप कोर्ट
की शरण
मे जा सकते
हैँ , लेकिन
इसके लिए दो
बातों का ध्यान
रखना पडेगा ।
2. चेक की वेधता 6 महीने
तक होती हैँ
। इस दौरान आप बैंक
मे कभी भी
चेक जमा कर
सकते हैँ । अगर इस अवधि
मे आपका चेक
बाउस हो जाता
हैँ । तो छह महीने खत्म होने के बाद अगले
तीस दिन के
अंदर आपको कानूनी
नोटिस भेजना होगा
। अगर आप
एक दिन भी
देर करते हैँ
, तो चेक बाउस
का मामला नहीं
बन सकता ।
3. चेक गिफ्ट
के रूप मे
जारी नहीं किया
गया हो ।
अदालत
की
प्रकिया
अगर कानूनी नोटिस
भेजने के 15 दिन के अंदर वह
व्यक्ति रकम नहीं
चुकता हैँ , तो एक महीने
के अंदर चीफ़
जुड़ीशियल मैजिस्ट्रेटके यहा 138 नेगोशिएबरल स्टेमेंट के तहत
एक शिकायत दर्ज
करनी होगी ।
शुरुआती गवाहीके बाद
उस व्यक्ति के
नाम सम्मन जारी होगा
और क्रिमिनल प्रोसीजर
के तहत केस
चलेगा । अगरउस
व्यक्तिकी गलतीपायी जाती
हैँ , तो
उस अधिकतम तीन
साल की सजा
और जुर्माना हो
सकता हैँ ।
आरोपी
के
हक
1. छह महीने का
समय बीज जाने
के बाद केस
करने के लिए 30 दिन का समय
होता हैँ । अगर एक दिन भी
ज्यादा हो गया
तो आरोपी पर
केस नहीं चल सकेगा ।
2. लीगल नोटिस
मिलने के 15 दिन के अंदर चेक
जारी करने वाले
व्यक्ति ने पैसे
लौटा दिये तो
ऐसे स्थिति मे
भी उसके खिलाफ
चेक बाउन्स का
केस नहीं चलेगा
।
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