जमीन ,संपत्ति (प्रॉपटी )खरीदने से पहले इन बातों का ध्यान दे :-sanjaysingh profile आमतौर अक्सर बहुत से लोग प्रॉपटी खरीदने के बाद उसके स्वामित्व के लिए परेशान होकर भटकते हुए दिखाई देते है इसका कारण है कि उन्होने संपत्ति ( प्रॉपटी ) खरीदने से पहले उसके बारें में जरूरी जानकारी नहीं की होती इसलिए आप अगर नयी जमीन (प्रॉपटी ) खरीदने की सोच रहे है तो आपको इन महत्वपूर्ण बातों को अपने ध्यान में रखना होगा
वसीयत से मिली संपत्ति (प्रॉपटी ) :-यह महत्वपूर्ण है कि अगर बतौर वसीयत मिली किसी संपत्ति का मालिक उसे बेच रहा है , तो यह जानकारी कर ले कि कोर्ट से उसे इस बात कि परमीशन मिल चुकी है या नहीं वसीयत से मिली संपत्ति पर किसी का पूरा हक़ तभी होता है , जब कोर्ट से प्रोबेट मिल जाती है
एन0आर0आई0 की प्रॉपटी :-अगर आप किसी एन0आर0आई0 से प्रॉपटी लेने जा रहे है तो इंकम टैक्स डिपार्टमेंट से सेक्शन 195 के तहत एनओसी लेना जरूरी है बिना एनओसी के विक्रेता यह प्रॉपटी बेच नहीं सकता ऐसा इसलिए है विक्रेता गेन टैक्स जरूर भरे अगर एनओसी हासिल नहीं की गई तो इंकम टैक्स डिपार्टमेंट प्रॉपटी खरीदने वाले को नोटिस जारी कर सकता है
पुश्तैनी प्रॉपटी :- अगर कोई व्यक्ति पुश्तैनी प्रॉपटी बेच रहा है तो उसके लिए यह तय करना पड़ता है की इसमें सभी साझेदारों की सहमति है या नहीं अक्सर पुश्तैनी प्रॉपटी कई लोगो के नाम होती है ऐसे में मालिकाना हक़ की तस्वीर साफ नहीं होती तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ सकता है कोर्ट लेटर ऑफ एडमिनीस्ट्रेशन जारी करता है जिससे बिक्री का रास्ता साफ हो जाता है
ट्रस्ट की प्रॉपटी :- अगर प्रॉपटी किसी ट्रस्ट के जरिये संचालित है तो यह जान ले कि क्या इस प्रॉपटी को चैरिटी कामिश्नर की एनओसी हासिल हैं और यह परमीशन ट्रस्ट को ही हांसिल करनी पड़ती है
अगर नॉमिनी से ख़रीदे प्रॉपटी :- यह भी जान ले कि कोई भी नॉमिनी उस प्रॉपटी का मालिक नहीं होता ,बल्कि वह प्रॉपटी को ट्रस्ट के रूप सॅभाले हुए है ताकि वह प्रॉपटी को वैध उत्तराधिकारी के सुपुर्द कर सके अगर प्रॉपटी नॉमिनी के सुपुर्द कर दी जाती है तो भी प्रॉपटी के नॉमिनी का हक़ जस का तस बना रहता है और भविष्य में वह इस्तेमाल कानूनी तौर पर कर सकता है
वसीयत से मिली संपत्ति (प्रॉपटी ) :-यह महत्वपूर्ण है कि अगर बतौर वसीयत मिली किसी संपत्ति का मालिक उसे बेच रहा है , तो यह जानकारी कर ले कि कोर्ट से उसे इस बात कि परमीशन मिल चुकी है या नहीं वसीयत से मिली संपत्ति पर किसी का पूरा हक़ तभी होता है , जब कोर्ट से प्रोबेट मिल जाती है
एन0आर0आई0 की प्रॉपटी :-अगर आप किसी एन0आर0आई0 से प्रॉपटी लेने जा रहे है तो इंकम टैक्स डिपार्टमेंट से सेक्शन 195 के तहत एनओसी लेना जरूरी है बिना एनओसी के विक्रेता यह प्रॉपटी बेच नहीं सकता ऐसा इसलिए है विक्रेता गेन टैक्स जरूर भरे अगर एनओसी हासिल नहीं की गई तो इंकम टैक्स डिपार्टमेंट प्रॉपटी खरीदने वाले को नोटिस जारी कर सकता है
पुश्तैनी प्रॉपटी :- अगर कोई व्यक्ति पुश्तैनी प्रॉपटी बेच रहा है तो उसके लिए यह तय करना पड़ता है की इसमें सभी साझेदारों की सहमति है या नहीं अक्सर पुश्तैनी प्रॉपटी कई लोगो के नाम होती है ऐसे में मालिकाना हक़ की तस्वीर साफ नहीं होती तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ सकता है कोर्ट लेटर ऑफ एडमिनीस्ट्रेशन जारी करता है जिससे बिक्री का रास्ता साफ हो जाता है
ट्रस्ट की प्रॉपटी :- अगर प्रॉपटी किसी ट्रस्ट के जरिये संचालित है तो यह जान ले कि क्या इस प्रॉपटी को चैरिटी कामिश्नर की एनओसी हासिल हैं और यह परमीशन ट्रस्ट को ही हांसिल करनी पड़ती है
अगर नॉमिनी से ख़रीदे प्रॉपटी :- यह भी जान ले कि कोई भी नॉमिनी उस प्रॉपटी का मालिक नहीं होता ,बल्कि वह प्रॉपटी को ट्रस्ट के रूप सॅभाले हुए है ताकि वह प्रॉपटी को वैध उत्तराधिकारी के सुपुर्द कर सके अगर प्रॉपटी नॉमिनी के सुपुर्द कर दी जाती है तो भी प्रॉपटी के नॉमिनी का हक़ जस का तस बना रहता है और भविष्य में वह इस्तेमाल कानूनी तौर पर कर सकता है
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