Tuesday, 30 December 2014

ग्राम सभा कि जमीन पर कब्जा किसका और कब से जायज माना जायेगा

ग्राम सभा कि जमीन पर कब्जा किसका और कब से जायज माना जायेगा

नये भू- सुधार कानून के अंन्तर्गत अब कोई भी व्यक्ति ग्राम समाज कि जमीन पर कब्जा नहीं कर सकेगा और वह कब्जे के आधार पर आसामी सीरदार या भूमिधर घोषित नहीं किया जा सकेगा । किन्तु ऐसे खेतिहर मजदूर जो ऐसी अनुसूचित जाति या जनजाति के सदस्य हे ।
उन्होने ऐसी जमीन पर जो किसी चारागाह तालाब सिंघाण्डा उगाने नदी का किनारा या जिसे राज्य सरकार द्रारा बजट किसी अन्य कार्य हेतु निर्धारित की गई हो ग्राम बागान या पब्लिक पर्पज या मिलेट्री, नहर , रेलवे किसी फार्म या टाउन एरिया द्रारा अधिकृत की गई हो , ग्राम के अलावा गाव की दीगर भूमि हैँ , एव 30 जून 1985 की तिथि तक उसका कब्जा हैँ  । तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ वेदखली का कोई भी कार्यवाही नहीं की जा सकेगी । ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे के बारे मे शिकायत के लिए निम्म मो0 नंम्बर पर सम्पर्क करे - 9451309942, सुबह 10 बजे से साय 4.00 बजे 
तक सोमवार से शुक्रवार तक ।
ज़मीन बटाई या पटटे पर कौन दे सकते हैँ  ।
जिन काशतकारो को कानून मे अपनी ज़मीन को लगान (बटाई) पर उठाने की छूट दी गई हैँ  उसका विवरण इस प्रकार हैँ  ।
1 धारा 157 (1) (क) : स्त्री वह  स्त्रियाँ जो आविवाहित हो या विवाहित हो , पति के साथ रहती  हैँ   या तलाक़शुदा हो ।
2 धारा 157 (1) (ख) : नाबालिक आवस्यक इस धारा के अन्तर्गत यह प्रतिबन्ध हैँ  कि  केवल वही नाबालिक अपनी ज़मीन बटाई पर दे सकता हैँ  जिसके पिता की मृत्यु हो चुकी हैँ ।
3 धारा 157 (1) (ग) : ऐसा व्यक्ति जो पागल हो या जड़ हो ।
4 धारा 157 (1) (घ) : विकलांग अथवा अशक्त - कोई भी ऐसा व्यक्ति जो अन्धेपन या अन्य शारीरिक दुर्बलता के कारण खेती - बाड़ी करने में  असमर्थ हो ।
5 धारा 157 (1) (ड) : विधार्थी : वह सभी विधार्थी  जिनकी आयु 25 वर्ष से अधिक न हो शिक्षारत हो,पिता की मृत्यु हो चुकी  हो । 
6 धारा  157 (1) (च) : प्रतिरक्षा कर्मचारी वह व्यक्ति  जो भारतीय गणराज्य संघ   जिनकी सेना के सदास्वरूप हो जैसे - स्थल सेना , नौ सेना , वायु सेना ।
7 धारा 157 (1) (छ) : निरोधक या कारावास भोगी ऐसा व्यक्ति को केन्द्रित कारागार अधिनियम के अन्तर्गत किसी सेंट्रल जेल मे अथवा ज़िला कारागार, उपकारागार आदि मे सजा काट रहा हो ।

No comments:

Post a Comment